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Showing posts from November, 2025

सइद जाफरी

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सन 1972 के किसी दिन की बात है। सत्यजित रे लंदन से कोई खिताब लेकर एयर इंडिया की एक फ्लाइट से वापस लौट रहे थे। उस फ्लाइट का नाम था एंपिरर शाहजहां। इत्तेफ़ाक से उस दिन के लगभग एक साल पहले सईद जाफ़री ने अमेरिका में एक नाटक किया था जिसमें उन्होंने मुगल एंपिरर शाहजहां का किरदार ही निभाया था। एयर इंडिया की जिस फ्लाइट "एंपिरर शाहजहां" से सत्यजित रे साहब वापस लौट रहे थे उसका स्टोप लेबनान की राजधानी बेरूत में भी था। बेरूत में जब वो फ्लाइट लैंड हुई तो इत्तेफ़ाकन उस दिन बेरूत हवाई अड्डे पर सईद जाफ़री भी मौजूद थे। सईद जाफ़री उस ज़माने से सत्यजित रे के फैन थे जब वो ऑल इंडिया रेडियो में नौकरी करते थे और उन्होंने सत्यजित रे की पहली फिल्म "पाथेर पांचाली" देखी थी। इसलिए जब बेरूत हवाई अड्डे पर सईद जाफ़री ने सत्यजित रे को देखा तो ये उनसे मिलने, बात करने उनके पास पहुंच गए। सईद जाफ़री ने उनसे बताया कि मैं आपका बहुत बड़ा फैन हूं। आपकी सभी फिल्में देख चुका हूं। जवाब में सत्यजित रे बोले,"आई नो हू यू आर। यू आर सईद जाफ़री। आरन्ट यू?" सईद जाफ़री हैरान रह गए। उन्होंने सत्यजित रे जी से...

पुनीत इस्सर

 आज जिनका जन्मदिन है  ---------------------------*  आज जिनका जन्मदिन है  ---------------------------* पुनीत इस्सर का जन्म 6 नवंबर 1958 को पंजाब में हुआ था। वे भारतीय अभिनेता तथा निर्देशक हैं। इनकी सबसे अधिक ख्याति प्राप्त अदायगी बी आर चोपड़ा के महाभारत धारावाहिक में दुर्योधन के चरित्र के रूप में थी। उसके अलावा इन्होने सलमान खान द्वारा अभिनीत फ़िल्म गर्व (2004) का भी निर्देशन किया है। पुनीत इस्सर फ़िल्म निर्देशक सुदेश इस्सर के पुत्र है। इनकी पत्नी दीपाली, पंजाबी अभिनेता दिलीप पुरी और बंगाली गायिका अक्षिता पुरी की पुत्री हैं. ६०, ७० एवं ८० के दशक में मशहूर बाल कलाकार सत्यजीत पुरी दीपाली के भाई हैं. पुनीत की दो संतान हैं: निवृति (पुत्री) और सिद्धांत (पुत्र)। प्रशिक्षित अभिनेता होने के साथ साथ पुनीत कला अभिनय के प्रोफेसर भी हैं. इसके अलावा वो एक सुप्रशिक्षित मार्शल आर्टिस्ट भी हैं. इन्हे कुंग-फू, कराटे, बॉक्सिंग तथा कुश्ती का भी शौक है। वर्ष 1983 में फ़िल्म कुली की शूटिंग के दौरान एक स्टंट में इनके हाथो अमिताभ बच्चन को गंभीर चोट लग गयी थी। हालाँकि इन्होने हमेशा कहा है की...

संजीव कुमार

 संजीव कुमार  -------------* हरफन मौला कलाकार संजीव कुमार की आज  6 नवंबर को पुण्यतिथि है, साल 1985 में उनका निधन हो गया था। उस दिन संजीव कुमार अपने कमरे में जमीन पर पेट के बल पड़े मिले थे और उन्हें हार्ट अटैक भी आया था। हिंदी सिनेमा के महान कलाकारों में शुमार रहे  संजीव कुमार सत्तर के दशक के टॉप स्टार्स में शुमार रहे। वह उस वक्त अन्य हीरो से भी ज्यादा मेहनताना पाते थे। वह एक हरफनमौला स्टार थे, जिन्होंने रोमांटिक से लेकर थ्रिलर फिल्में तक कीं। दो फिल्मों के लिए उन्होंने नेशनल अवॉर्ड तक जीते। सबकुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन एक वक्त ऐसा आया, जब संजीव कुमार को फिल्में मिलना बंद हो गईं। इस वजह से वह डिप्रेशन में चले गए। लेकिन जब 6 नवंबर 1985 में संजीव कुमार की मौत हुई, तो उनकी 10 से भी ज्यादा फिल्में रिलीज हुई थीं, जिनमें से कुछ हिट रहीं। फिल्मों में आने से पहले Sanjeev Kumar का नाम हरिहर जरीवाला था। चूंकि संजीव के पिता भगवान श्री कृष्ण के भक्त थे, तो उन्होंने बेटे का नाम हरिहर जरीवाला रख दिया था। लेकिन फिल्मों में आने के बाद वह संजीव कुमार बन गए और सबके दिलों पर राज करने लग...

एक्ट्रेस मीता वशिष्ठ

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  गुलाम में एक सीन था जिसमें आमिर खान पैसे निकालते हैं और मुझे देत हैं। उस सीन से पहले आमिर मुझे बताने लगे कि मैं जब ऐसे करूं तो आप ऐसे करना। लेकिन मैंने कहा, नहीं। तुम वो करो तो तुम्हें करना है। मैं वो करूंगी जो मुझे करना है। आमिर ने कहा कि मुझे कैसे पता चलेगा कि आप क्या करेंगी? मैंने आमिर से कहा कि मुझे देखो और रिएक्ट करो। आमिर हर चीज़ पहले से फिक्स करना चाहते हैं। लेकिन मैंने उनसे कह दिया कि आप मुझे क्यों बताएंगे कि मुझे क्या करना है?" एक्ट्रेस मीता वशिष्ठ ने ये बात अपने एक इंटरव्यू में फिल्म गुलाम की मेकिंग के दौरान के दिनों को याद करते हुए बताई थी। उस इंटरव्यू में मीता वशिष्ठ जी ने एक और सीन का किस्सा बताया था जो कुछ इस प्रकार है,"एक सीन में मैं आमिर से बात कर रही थी। मैं उनके पास पहुंचती हूं और उनके। बालों में हाथ लगाती हूं। लेकिन आमिर को वो अच्छा नहीं लगा। उन्होंने बड़े अजीब ढंग से डायरेक्टर महेश भट्ट की तरफ देखा। जैसे आमिर महेश भट्ट से कहना चाह रहे हों इन्होंने मुझे हाथ कैसे लगा दिया।" बकौल नीता वशिष्ठ,"महेश भट्ट ने मेरी साइड ली। उन्होंने आमिर से कहा कि मुझे...

टिकिट चेकर के झापड़ ने प्रेमनाथ को बना दिया था एम्पायर टाकीज का मालिक

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  टिकिट चेकर के झापड़ ने प्रेमनाथ को बना दिया था एम्पायर टाकीज का मालिक। ----------------------------- अपने दमदार अभिनय के लिए प्रसिद्ध रहे अभिनेता प्रेमनाथ जबलपुर के गौरव पुत्र थे। उनने अंग्रेजों द्वारा बनाई गई एम्पायर टाकीज को भी खरीद लिया था। इस टाकीज को खरीदने का किस्सा भी लाजवाब है। प्रेमनाथ जब स्कूल में पढते थे तब एक बार वो एम्पायर टाकीज की दीवाल फांदकर बिना टिकट लिए पिक्चर देखने बैठ गए। जब टिकिट चेकर टिकिट चेक करने आया तो किशोर प्रेमनाथ से टिकिट मांगी तो उनने टिकिट न होने की बात कही और बताया कि वो बाउंड्री वाल फांदकर अंदर आ गए। टिकिट चेकर ने प्रेमनाथ को एक झापड़ मारा और पकडकर बाहर लाया और बोला जैसे तुम दीवार फांदकर आये थे वैसे ही फांदकर बाहर भागो। जाने के पहले किशोर प्रेमनाथ ने टिकिट चेकर से कहा कि देखना एक दिन मैं इस टाकीज को खरीद लूंगा। प्रेमनाथ जब बडे़ हुए और पिता की मर्जी के खिलाफ अभिनय करने मुंबई चले गए। 1952 में उन्होंने एम्पायर टाकीज खरीद ली। मालिक बनने के बाद जब प्रेमनाथ ने टाकीज का उद्घाटन किया तो जिद्दी प्रेमनाथ का रूप सामने दिखा। प्रेमनाथ उसीतरह से बाउंड्री वाल ...