देव आनंद की गाइड: जिसे सबने ठुकराया, लेकिन बनी बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्म

 देव आनंद की गाइड: जिसे सबने ठुकराया, लेकिन बनी बॉलीवुड की ऐतिहासिक फिल्म

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हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी भी रही हैं, जिन्हें बनाने से पहले किसी ने उम्मीद नहीं की थी कि ये दर्शकों के दिलों पर राज करेंगी। लेकिन जब वो रिलीज हुईं, तो उन्होंने न केवल बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ दिए बल्कि सिनेमा के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ दी। ऐसी ही एक फिल्म है देव आनंद की गाइड (1966)।🙂
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रिजेक्ट होती रही गाइड 🚶
कहा जाता है कि जब इस फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार हुई तो हिंदी सिनेमा के लगभग सभी बड़े कलाकारों ने इसे रिजेक्ट कर दिया। फिल्म की कहानी उस दौर के पारंपरिक विषयों से बिल्कुल अलग थी। एक ऐसी कहानी, जिसमें समाज और रिश्तों को एक नए दृष्टिकोण से दिखाया गया था। यही वजह थी कि बहुत से कलाकार इस फिल्म का हिस्सा बनने से पीछे हट गए।
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देव आनंद का फैसला 🤨
देव आनंद ने इस फिल्म को करने का बड़ा जोखिम उठाया। निर्देशक विजय आनंद के निर्देशन और आर.के. नारायण के उपन्यास पर आधारित इस फिल्म को लेकर लोगों को संदेह था कि यह दर्शकों के सिर चढ़कर बोलेगी या नहीं।
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पहली रंगीन फिल्म और अनोखा प्रीमियर 🎭
गाइड देव आनंद की पहली रंगीन फिल्म थी। रिलीज से पहले इसका भव्य प्रीमियर रखा गया, जिसमें पूरी इंडस्ट्री मौजूद थी। लेकिन फिल्म का विषय और इसका अलग अंदाज देखकर बहुत से कलाकार इसे समझ नहीं पाए। किसी ने विजय आनंद को बधाई तक नहीं दी, जिससे उन्हें काफी दुख भी हुआ।
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दर्शकों की प्रतिक्रिया 😊
रिलीज के बाद गाइड ने हाउसफुल ओपनिंग की। हालांकि शुरुआती दिनों में दर्शकों को फिल्म का क्लाइमेक्स और गहराई भरा संदेश समझ में नहीं आया, जिससे कलेक्शन में गिरावट आई। लेकिन जैसे-जैसे फिल्म का संदेश लोगों तक पहुंचा, इसका प्रभाव गहरा होता चला गया और दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया।
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उपलब्धियां और रिकॉर्ड 🌎
फिल्म का बजट: लगभग 60 लाख रुपये
कुल कमाई: 5 करोड़ रुपये (उस दौर के हिसाब से बेहद बड़ी रकम) भारत की ओर से ऑस्कर में आधिकारिक एंट्री
7 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की जीत
गानों का जादू 🎼
एस.डी. बर्मन के संगीत और शैलेंद्र के लिखे गानों ने फिल्म को अमर बना दिया। आज फिर जीने की तमन्ना है और तेरे मेरे सपने अब एक रंग हैं जैसे गीत आज भी अमर क्लासिक माने जाते हैं।
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गाइड सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा में कला, प्रयोग और जोखिम लेने का प्रतीक है। जिसे एक समय पर लगभग हर कलाकार ने रिजेक्ट कर दिया था, वही फिल्म देव आनंद की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक बन गई!

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#bollywoodvideoclips से साभार

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