सोनू निगम
आज मैं भी सोनू निगम जी के उस गाने से जुड़ी एक कहानी कहना चाहता हूं जो अभी कुछ दिनों पहले बहुत ज़्यादा वायरल हुआ था। अभी भी चल ही रहा है। गाना है "तूने, मिल के रकीबों संग मेरे, ओ दिल पे चलाई छुरियां।" मैंने सबसे पहली दफ़ा जब ये गाना सुना था एक शादी के कार्यक्रम में। मेरा एक दोस्त था तब जिसे मेरे घरवाले बड़ा नापसंद करते थे। लेकिन मेरा बढ़िया यार था वो। और वो डांस बहुत बढ़िया करता था। वो भी वेस्टर्न स्टाइल वाला। बड़ी बात ये थी कि उसने कहीं डांस सीखा नहीं था। टीवी व सीडी प्लेयर पर डांस देखकर ही उसने अभ्यास किया और इतना बढ़िया डांस करने लगा कि हमारे यहां के, और आस-पास के लोग उसे डांस करने अपने घर बुलाने लगे। जैसे किसी जनमदिन पार्टी वगैरह में। और वो शौक से जाता।
उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था कि बुलाने वाले ने उसे कुछ दिया है कि नहीं, खाना-पीना वगैरह पूछा है कि नहीं। ज़्यादातर लोग वैसे पूरा सत्कार करते थे उसका। मगर कुछ होते थे जो इतने बेढंगे होते थे कि डांस हो गया, चलो घर जाओ अब, इस टाइप का एटीट्यूड दिखाते थे। मगर बबलू, बबलू नाम था उसका, उसे कोई फ़र्क नहीं पड़ता था। क्योंकि डांस उसका पैशन था। वैसे बबलू बढ़िया मज़ाकिया लड़का भी था। मेरी यारी उसके मज़ाकिया अंदाज़ के चलते ही थी उससे। उसी ने मुझे एक बंदे से मिलाया था। जिस बंदे से बबलू ने मुझे मिलाया था उसका रेडीमेड कपड़ों का बिजनेस था। और वो बंदा बड़ा गुड लुकिंग था। जब वो मुझसे मिला तो उसने मुझे मॉडलिंग करने के ख्वाब दिखाने शुरू कर दिए। मैं भी उसकी बातों के बनाए जाल में फंसने ही वाला था। क्योंकि उस वक्त मुझे ये पता ही नहीं था कि प्रकृति ने मुझे ऐसा बनाया ही नहीं है कि मैं मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में जा सकूं। प्लस, ना ही मुझे ये पता था कि कोई भी गली का ऐरा-गैरा नत्थू खैरा ऐसे किसी को मॉडल बनवा सकता है। वो बंदा मुझसे पैसे ऐंठना चाहता था। किस्मत से उस ज़माने में मेरे पास उतने पैसे नहीं होते थे। तो मैं ठगे जाने से बच गया।
खैर, तो ये जो बंदा था, जो मुझे मॉडल बनने के ख्वाब दिखा रहा था, इस बंदे ने एक बार बबलू को अपने मुहल्ले के किसी प्रोग्राम में डांस करने के लिए बुलाया। कोई शादी हो रही थी। लेकिन उस चालू बंदे ने बबलू को बताया नहीं था कि शादी के प्रोग्राम में बबलू को डांस करना है। उसने कहा था कि कोई प्रोग्राम है। बबलू अकेला जाने से कतरा रहा था। कोई दिक्कत नहीं थी। बस वो जगह ज़रा दूर थी जहां उसे जाना था। तो बबलू ने मुझसे पूछा। मैं तैयार हो गया। वैसे भी उस वक्त तक मैं इतना बगावती हो चुका था कि पापा ने मुझे रोकना-टोकना बंद कर दिया था(कुछ समय के लिए।) हमने एक और बंदे से पूछा। वो भी हमारा दोस्त ही था। चंदर नाम है उसका। चंदर भी राज़ी हो गया। शायद 2004 के दिसंबर या 2005 के जनवरी महीने की शुरुआत की बात है ये। क्योंकि उस दिन बहुत ठंड बड़ रही थी। शाम के वक्त दिन छिपने के बाद मैं, बबलू और चंदर, हम तीनों अपनी-अपनी साइकिलों से उस पार्टी के लिए चल दिए। जब हम वहां पहुंचे तो पता चला कि किसी की शादी है। और मंढे के कार्यक्रम में बबलू को मेहमानों का मनोरंजन करने के लिए बुलाया गया है।
मुझे और चंदर को तो बड़ा अजीब लगा। हम दोनों पहली दफा बबलू के साथ ऐसी किसी पार्टी में आए थे। लेकिन बबलू खुश था। उसे उसका फेवरिट काम करने का मौका जो मिल रहा था। बबलू को बड़ा अच्छा लगता था जब लोग उसके लिए तालियां बजाते थे। खैर, जिस वक्त हम वहां पहुंचे थे उस वक्त डीजे पर सोनू निगम जी का यही रक़ीब वाला सॉन्ग ही प्ले हो रहा था। और स्टेज पर एक लड़का खड़ा था जो दिखने में ही कतई छपरी लग रहा था। हरकतें भी छपरियों वाली ही थी उसकी। मैं वैसे किसी को एकदम से ऐसे कैटेगराइज़ नहीं करता। लेकिन उसकी हरकतें वाकई में ऐसी थी कि उसे छपरियों की सरकार में छपरी संस्कृति मंत्री बनाया जा सकता था। वो रक़ीब वाले गाने पर अधनंगे बदन हाथ में चाकू लिए सिर्फ ठुमक रहा था। डांस नाम की कोई चीज़ नहीं थी उसके पास।
और जो चीज़ मुझे सबसे खराब लगी थी, जिसकी वजह से मैं उसे छपरी कह रहा हूं, वो ये थी कि उसने चाकू से अपनी छातियों पर कट मार रखे थे जिनसे ख़ून भी बह रहा था। अब बताइए, ऐसे इंसान को छपरी ना कहा जाए तो क्या कहा जाए। अच्छी बात ये थी कि वहां मौजूद बहुत लोग भी उसकी बुराई ही कर रहे थे। उस दिन पहली दफा मैंने वो रक़ीब वाला गाना सुना था। चूंकि तब बहुत कम उम्र थी मेरी। समझ भी कुछ खास नहीं थी किसी चीज़ की। इसलिए काफी वक्त तक तो मैं उस रकीब वाले गाने को छपरी सॉन्ग ही मानता रहा। मगर 2016 में जब मैं रोज़ नोएडा अप-डाउन कर रहा था तब एक टैम्पो में मैंने दोबारा वो गीत सुना। सुनकर इतना मज़ा आया कि ऑफिस पहुंचने के बाद फिर से यूट्यूब पर प्ले किया वो गाना। और वो गाना क्यों खास था? सोनू जी की कमाल की गायकी की वजह से।
जब वो छपरी जी स्टेज से उतर गए तब हमारे बबलू भाई स्टेज पर आए। और उन्होंने उस दिन जिस गाने पर डांस किया था वो देखकर वहां मौजूद सभी लोग हिल गए। खुद मैं भी। क्या कतली डांस किया था बबलू ने। मैं सही मायनों मे उस दिन बबलू के टैलेंट का फैन हुआ था। उससे पहले मुझे बबलू पर इतना भरोसा नहीं था। मगर उस दिन प्रभू देवा के मंसूबा मंसूबा गाने पर बबलू ने जो डांस किया वो बड़ा ज़बरदस्त था। उसके बाद बबलू ने एक और गाने पर डांस किया था। वो गाना कभी डीडी मेट्रो पर खूब आता था। आपको ऐसे याद आएगा,'किसी और की दुल्हन ना बन जाना। सिंड्रैला। मेरा इंतज़ार करना।' ये गाना 90s के आखिरी सालों में रिलीज़ हुआ था अगर मैं गलत नहीं हूं तो। इस गाने पर भी बबलू ने बहुत बढ़िया डांस किया था।
कुल मिलाकर बबलू उस पार्टी का हीरो बन गया था। लेकिन यहां भी बबलू के साथ वही हुआ जो पहले भी कई जगह हो चुका था। खाना तो छोड़िए, किसी ने बबलू को पानी के लिए भी नहीं पूछा। जिस इंसान के बुलावे पर बबलू हमें साथ लेकर वहां गया था वो ही डांस के बाद कहीं दिखाई नहीं दिया। मोबाइल उस ज़माने में हमारे पास थे नहीं। तो हम तीनों बुद्धू कड़ाके की सर्दियों में अपनी-अपनी साइकिलों से अपने-अपने घर को लौट आए। हां, रास्ते में एक जगह रुककर हमने चिकन सूप पिया था।
आज सोनू निगम जी के जन्मदिन के मौके पर फिर से ये कहानी याद आ गई। मुझे ये सिनेमा व कलाकारों के बारे में लिखना इसलिए बहुत पसंद आता है। क्योंकि इनके ज़रिए अपनी भी कुछ पुरानी यादें ताज़ा हो जाती हैं। सोनू निगम जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। साल 1973 की 30 जुलाई को सोनू निगम जी हरियाणा के फ़रीदाबाद में जन्मे थे। कितनी मधुर आवाज़ ईश्वर ने बख्शी है सोनू जी को। और क्या कमाल का हुनर दिया है। आजकल ये गायब हो गए हैं। समझ सकता हूं क्यों अब सोनू निगम के बहुत गाने नहीं आते हैं। क्योंकि अब अच्छे गाने भी नहीं बनते हैं।
वैसे ये पूछना बेवकूफी है। मगर आज ये बेवकूफी मैं करना चाहता हूं। आप सोनू निगम जी के आपके पसंदीदा कोई पांच गीत बता सकते हैं? बहुत सोचने के बाद मुझे इनकी एल्बम जान के पांच गाने याद आ रहे हैं जो मैं अभी भी कभी भी प्ले कर लेता हूं। पहला- तुझे छूने को दिल करे, तूझे पाने को दिल करे। दूसरा- जाने, क्यों मैं, तुझको, हर रात सोचता हूं। तीसरा- दीवाने होके हम, मिलने लगे सनम। चौथा- तेरा मिलना, पल दो पल का। और पांचवा- तू हर पल, आने लगी है नज़र। #sonunigam #sonunigambirthday #happybirthday #HappybirthdaySonu #HappyBirthdaySonuNigam #dilpechalaichuriya
किस्सा tv से साभार
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