टॉम ऑल्टर किस्सा tv से साभार

 "टॉम भाई, क्या तुम वाकई में इतनी अच्छी हिंदी व उर्दू बोलते हो?" बड़ी हैरानी से अमजद खान ने टॉम ऑल्टर से पूछा। जवाब में जब टॉम ऑल्टर ने उनसे हिंदी में बात की तो वो जल्दी से यकीन नहीं कर पाए। ये बात साल 1977 में रिलीज़ हुई फिल्म "हम किसी से कम नहीं" की शूटिंग के दौरान की है। उस वक्त तक फिल्म इंडस्ट्री में बात फैल चुकी थी कि एक नया एक्टर आया है जो दिखने में तो अंग्रेज है। लेकिन हिंदी और उर्दू एकदम भारतीयों की तरह बोलता है। उस एक्टर का नाम टॉम ऑल्टर है। "हम किसी से कम नहीं" फिल्म में अमजद खान मुख्य विलेन थे। 


अमजद खान ने भी टॉम ऑल्टर के बारे में काफी सुन रखा था। अमजद खान को जब पता चला कि "हम किसी से कम नहीं" फिल्म में टॉम उनके साथ काम करने वाले हैं तो वो टॉम साहब से मिलने को बड़े उत्सुक हो गए। वैसे तो 1976 में आई धर्मेंद्र की फिल्म चरस में भी टॉम ऑल्टर जी ने काम किया था। अमजद खान उसमें भी मुख्य विलेन थे। लेकिन चरस में टॉम साहब संग अमजद खान जी का कोई सीन नहीं था। इसलिए दोनों की मुलाकात भी नहीं हो सकी। "हम किसी से कम नहीं" में भी टॉम ऑल्टर जी का किरदार छोटा ही था। फिल्म के आखिरी के कुछ सीन्स में वो हैलिकॉप्टर उड़ाते नज़र आते हैं।


खैर, जब पहली दफा "हम किसी से कम नहीं" के सेट पर टॉम ऑल्टर व अमजद खान की मुलाकात हुई तो अमजद खान टॉम साहब से बोले,"टॉम भाई, तुम वाकई में इतनी अच्छी हिंदी व उर्दू बोलते हो?" जवाब में टॉम ऑल्टर साहब ने अमजद खान से हिंदी में बात की तो अमजद खान बड़े हैरान और खुश हुए। अमजद खान ने टॉम ऑल्टर को गले लगा लिया और उन्हें उठा भी लिया। वो हंसते हुए टॉम ऑल्टर से बोले,"मैं नहीं मानता कि तुम ही हिंदी बोल रहे हो। मुझे बताओ तुमने टेप रिकॉर्डर कहां छिपा रखा है?" हैरान टॉम ऑल्टर ने कहा,"अमजद भाई आप किस टेप रिकॉर्डर की बात कर रहे हो?" 


अमजद खान उनसे बोले कि आपने अपनी जैकेट में कहीं तो कोई टेप रिकॉर्डर छिपा रखा है। ये सारी बातें मज़ाक में चल रही थी। टॉम ऑल्टर ने अमजद खान को बताया कि उनकी पैदाईश भारत की ही है। उनके पिता भी भारत में ही जन्मे थे। उनके दादा किसी ज़माने में अमेरिका से भारत आकर बसे थे। उस दिन टॉम ऑल्टर जी से मिलकर अमजद खान बहुत खुश हुए और दोनों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गई। वो दोस्ती अमजद खान साहब के ज़िंदा रहने तक मजबूत रही। फिर तो दोनों जब भी मिलते थे, पूरी गर्मजोशी से मिलते थे। एक-दूसरे के घर आना-जाना भी होने लगा था।


आज टॉम ऑल्टर जी की पुण्यतिथि है साथियों। टॉम साहब को इस दुनिया से गए आज 7 साल हो गए। 29 सितंबर 2017 को कैंसर की वजह से 67 साल की उम्र में टॉम ऑल्टर जी का निधन हो गया था। टॉम ऑल्टर को ससम्मान याद करते हुए किस्सा टीवी उन्हें नमन करता है। चलिए, टॉम ऑल्टर जी के और कुछ रोचक किस्से जानते हैं। ये सभी किस्से उनके पुत्र जेमी ऑल्टर जी ने अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से कहे हैं।


अगला किस्सा जुड़ा है राज कपूर द्वारा निर्देशित 1985 की ब्लॉकबस्टर फिल्म "राम तेरी गंगा मैली" से। टॉम ऑल्टर इस फिल्म में हीरोइन मंदाकिनी के बड़े भाई के रोल में नज़र आए थे। यूं तो वो रोल काफी छोटा था। लेकिन कहानी के हिसाब से वो एक अहम रोल था। "राम तेरी गंगा मैली" की शूटिंग कश्मीर में हुई थी। टॉम ऑल्टर जी की राज कपूर से अच्छी बात थी। एक दिन लंच के वक्त उन्होंने राज कपूर से पूछा,"राज साहब, आपने इस रोल के लिए मुझे ही क्यों लिया?" राज कपूर अपने ही अंदाज़ में बोले,"टॉम बेटा, मैंने आपको इसलिए ये रोल में लिया क्योंकि मंदाकिनी की ही तरह आपकी आंखें भी नीली हैं।" 


राज कपूर के उस नीली आंख वाले जवाब पर रिएक्ट करते हुए टॉम ऑल्टर जी उनसे बोले,"आंखें तो आपकी भी नीली हैं राज साहब।" इस पर राज कपूर हंसते हुए बोले,"टॉम बात तो आपकी सही है। लेकिन इस बुढ़ापे में मुझे हीरोइन के भाई के रोल में कौन देखना पसंद करेगा?" राज कपूर का जवाब सुनकर ना सिर्फ टॉम ऑल्टर, बल्कि वहां मौजूद और लोगों के चेहरे पर भी मुस्कुराहट आ गई।


अगला किस्सा है महेश भट्ट की म्यूज़िकल ब्लॉकबस्टर फिल्म आशिकी से जुड़ा। आप भी जानते हैं कि आशिकी में टॉम ऑल्टर जी ने कितना अहम किरदार निभाया था। आशिकी में टॉम ऑल्टर ने हीरोइन अनु अग्रवाल के हॉस्टल के वॉर्डन का किरदार निभाया था। आशिकी रिलीज़ होने के लगभग एक महीने बाद टॉम ऑल्टर कहीं जा रहे थे। उन्हें मुंबई एयरपोर्ट से फ्लाइट पकड़नी थी। चूंकि उस वक्त तक टॉम ऑल्टर फिल्मों का जाना-पहचाना चेहरा बन चुके थे तो पब्लिक प्लेस पर उन्हें देखकर लोग उनके पास ऑटोग्राफ मांगने आते रहते थे। उस दिन भी कुछ लोग टॉम साहब से ऑटोग्राफ मांगने आए थे।


उस दिन ऑटोग्राफ मांगने वाले फैंस में एक फैमिली भी थी। उस फैमिली के साथ एक बच्चा था। उस बच्चे के माता-पिता तो टॉम ऑल्टर से ऑटोग्राफ ले रहे थे। लेकिन वो बच्चा टॉम साहब को देखकर रोने लगा। वो बच्चा रोते हुए बोला कि ये तो वही विलेन है जो आशिकी फिल्म में था। बच्चे को उसके पेरेंट्स ने चुप कराने की कोशिश की। उन्होंने बच्चे को समझाने का प्रयास किया कि वो विलेन फिल्म में है। असली में नहीं हैं। मगर वो बच्चा चुप हुआ ही नहीं। बच्चे को लेकर उसके माता-पिता को वहां से जाना ही पड़ा। कुछ दिनों बाद टॉम साहब ने उस बच्चे वाला वाकया अपनी फैमिली में बताया। और कहा कि उन्होंने उस बच्चे को रोते हुए देखने से पहले कभी सोचा भी नहीं था कि आशिकी फिल्म के उनके किरदार की निगेटिविटी इतनी इंटेंस हो गई थी। 


टॉम ऑल्टर साहब का अगला किस्सा दूरदर्शन के एक बहुत ही लोकप्रिय शो जुनून से जुड़ा है। जुनून में टॉम साहब ने केशव कलसी का कैरेक्टर प्ले किया था। वो कैरेक्टर भी तब बहुत हिट रहा था। एक दिन जुनून की शूटिंग के दौरान टॉम साहब का एक साथी कलाकार उन्हें घूरे जा रहा था। उस कलाकार के घूरने का अंदाज़ कुछ ऐसा था जैसे वो टॉम साहब से कुछ पूछना चाहता हो। वैसे भी टॉम साहब को देखकर पहली दफा में लोग यही समझते थे कि ये तो कोई विदेशी कलाकार है। और जब लोग उन्हें हिंदी या उर्दू बोलते सुनते थे तो हैरान हुए बिना नहीं रह पाते थे। टॉम साहब ऐसे लोगों को एक्सप्लेन करते थे कि कैसे वो विदेशी नहीं हैं। भारतीय ही हैं।


उस दिन भी टॉम साहब को लगा कि ये जो कलाकार उन्हें घूर रहा है वो उनसे यही पूछना चाहता होगा कि आपकी पैदाईश कहां की है? आपने हिंदी कहां से सीखी? उस दिन शूट खत्म होने के बाद जब टॉम ऑल्टर जी मेकअप रूम में जाकर अपना मेकअप हटा रहे थे तो वो कलाकार भी वहां आ गया। उसने टॉम साहब से कहा,"टॉम सर, आपसे एक बात पूछनी थी। मैं कई दिनों से ये बात पूछना चाहता था।" टॉम ऑल्टर ने कहा,"पूछिए। वैसे मैं जानता हूं कि आप क्या पूछने वाले हैं।" उस कलाकार ने टॉम ऑल्टर से जो सवाल किया वो सुनकर टॉम ऑल्टर दंग रह गए। वैसा सवाल तो उनकी पूरी लाइफ में किसी ने उनसे नहीं पूछा था। उसने पूछा,"मैंने सुना है आप बड़ी अच्छी अंग्रेज़ी बोलते हैं।" 


पहले तो टॉम साहब बड़े हैरान हुए। फिर ज़ोर से हंसते हुए उन्होंने उस कलाकार को गले से लगा लिया। टॉम उससे बोले,"ज़िंदगी भर लोगों ने मुझसे यही पूछा कि आप इतनी अच्छी हिंदी कैसे बोलते हैं। आप पहले हैं जो पूछ रहे हैं कि मैं इतनी अच्छी अंग्रेज़ी कैसे बोल लेता हूं।" शाम को जब टॉम ऑल्टर अपने घर पहुंचे तो उन्होंने अपने घरवालों को भी वो बात बताई। उनके घरवाले भी वो कहानी सुनकर खूब हंसे। टॉम साहब से वो सवाल पूछने वाला कलाकार कौन था, ये उनके पुत्र जेमी ऑल्टर नहीं बता सके। क्योंकि उन्हें उस कलाकार का नाम याद नहीं रहा था।


अगला किस्सा जो टॉम साहब के पुत्र जेमी ऑल्टर जी ने एक दफा सुनाया था वो ज़रा थोड़ा दुखी करने वाला है। किस्सा शुरू करने से पहले आपको बता दूं कि जेमी जी ने इस किस्से से जुड़े किसी भी व्यक्ति के नाम का खुलासा नहीं किया है। किस्सा कुछ यूं है कि 1980 के दशक में फिल्म इंडस्ट्री के किसी बड़े एक्टर ने डायरेक्शन में करियर शुरू किया था। वो एक्टर पैरलल सिनेमा में काफी नाम व सम्मान कमा चुका था। उसने टॉम ऑल्टर साहब को अपनी एक फिल्म में साइन किया। इससे पहले वो दो फिल्मों का डायरेक्शन कर चुका था। टॉम साहब भी उसके साथ दो फिल्मों में एक्टिंग कर चुके थे। 


जिस फिल्म में उस एक्टर ने टॉम साहब को कास्ट किया था उसमें वो खुद ही हीरो था। टॉम ऑल्टर को उसने मेन विलेन के रोल में लिया था। सबकुछ तय हो चुका था। टॉम साहब का लुक टेस्ट भी सफल रहा था। टॉम ऑल्टर उस फिल्म को लेकर बहुत एक्सायटेड थे। क्योंकि उस वक्त तक का वो उनका सबसे बड़ा रोल था। टॉम को एक बड़े रोल में कास्ट किया गया है, ये खबर फिल्म इंडस्ट्री में भी फैली। टॉम साहब बड़ी बेसब्री से शूटिंग शुरू होने का इंतज़ार कर रहे थे। लेकिन जिस दिन शूटिंग शुरू होनी थी उससे कुछ पहले ही टॉम ऑल्टर जी को उस एक्टर के ऑफिस से फोन आया। उन्हें बताया गया कि "फिल्म से आपको हटा दिया गया है।" लेकिन कोई वजह नहीं बताई गई। 


टॉम ऑल्टर ने उस एक्टर के घर फोन किया। ऑफिस भी फोन किया। लेकिन उनकी बात उस एक्टर से नहीं हो पाई। कई दिन बीत गए। टॉम जब भी उस एक्टर से बात करने के लिए फोन करते, उन्हें यही बताया जाता कि वो तो बिज़ी हैं। टॉम ऑल्टर बहुत निराश हुए। एक दिन उन्हें पता चला कि वो फिल्म ही कैंसिल हो गई है। उस एक्टर ने टॉम साहब को अपनी तरफ से कभी कोई फोन नहीं किया। ना ही कोई मैसेज छोड़ा। टॉम साहब को उस एक्टर की वो हरकतें अच्छी नहीं लगी। 


कुछ दिन बाद टॉम साहब को उनके एक दोस्त, जो खुद भी फिल्म इंडस्ट्री के एक मशहूर एक्टर थे, उन्होंने बताया कि जिस एक्टर ने टॉम साहब को साइन किया था उसे कुछ फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर्स और फाइनेंसर्स ने कहा था कि एक अंग्रेज दिखने वाले एक्टर को आप फिल्म में इतने बड़े रोल में नहीं ले सकते। लोगों को वो बहुत अजीब लगेगा। और फिल्म पिट जाएगी जिससे आपका-हमारा मोटा नुकसान हो जाएगा। टॉम साहब को वो सब सुनकर बहुत दुख हुआ था। टॉम साहब की एक दोस्त जो एक मशहूर अदाकारा थी, उन्होंने भी टॉम साहब से यही कहा कि इस फिल्म को तुम भूल जाओ। ये तुम्हारे साथ नहीं बनने वाली है। वक्त के साथ टॉम उस बुरे अनुभव को भूलकर आगे तो बढ़ गए। लेकिन वो बात जब भी उन्हें याद आती थी अपने साथ दुख भी लाती थी। #TomAlter #AmjadKhan

Comments

Popular posts from this blog

मौत एक ख्याल है जैसे ज़िंदगी एक ख्याल है" भारती गौड़ की वॉल से

उमराव जान किस्सा tv से साभार

सोनू निगम