जानी लीवर
जॉनी लीवर की बेटी जेमी लीवर ने ये मज़ेदार बात उनके बारे में बताई थी। जॉनी जी के बारे में शायद बहुत ही कम लोगों को ये पता होगी। जेमी ने बताया था कि 90s में एक वक्त ऐसा भी था जब जॉनी लीवर एक दिन में पांच-पांच फिल्मों की शूटिंग किया करते थे। जॉनी इतने व्यस्त रहते थे कि वो बस डायरेक्टर द्वारा बताए गए अपने सीन्स शूट करते थे। फिल्म की कहानी क्या है, उन्हें पता ही नहीं होता था। जॉनी की बेटी जेमी उन दिनों स्कूल जाया करती थी। छुट्टी के दिन जब जॉनी जी की कोई फिल्म टीवी पर आती थी तो जेमी वो फिल्म ज़रूर देखती थी।
अगर किसी छुट्टी के दिन जॉनी भी घर पर होते थे तो वो अपना सीन आने से पहले चुपचाप वहां से खिसक लेते थे और पिलर के पीछे जाकर छिप जाते थे। वहीं से छुपते हुए वो अपना सीन देखते थे। अपने डायलॉग्स साथ-साथ फुसफुसाते थे। और फिर वो बेटी जेमी के पास आकर उनसे पूछते थे,"बेटा, तुम्हें मुझ पर गर्व है ना?"
आज जॉनी लीवर का जन्मदिन है। 14 अगस्त 1957 को जॉनी लीवर जी का जन्म आंध्र प्रदेश के प्रकाशम ज़िले के कनीगिरी गांव में हुआ था। जॉनी आज 67 साल के हो चुके हैं। जॉनी बताते हैं कि वो बहुत छोटे थे जब उनका परिवार मुंबई आ गया था। धारावी में जिस जगह वो रहा करते थे उसी जगह ही स्लमडॉग मिलेनियर फिल्म की शूटिंग हुई थी।
जॉनी जब नौ साल के हो गए थे तब उनके पिता अपने परिवार को लेकर एक दूसरे इलाके में जाकर रहने लगे थे। जॉनी को शुरुआत से ही डांस और मिमिक्री का बड़ा शौक था। वो अपने मुहल्ले में होने वाले छोटे-छोटे प्रोग्राम्स में, स्कूल में होने वाले कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे और डांस व मिमिक्री करते थे। जॉनी तो अपना टैलेंट दिखाने के इरादे से इन प्रोग्राम्स में हिस्सा लेते थे। लेकिन लोग उनके डांस और मिमिक्री से इतने खुश हो जाते थे कि उन्हें एक-दो रुपए ईनाम के तौर पर दे भी जाते थे। और कई दफा तो जॉनी के पास ईनाम में मिले एक-दो रुपए से ही ठीक-ठाक रकम जमा हो जाती थी।
बाद में जॉनी जी ने एक ऑर्केस्ट्रा जॉइन कर लिया था। ऑर्केस्ट्रा वाले इन्हें कोई पैसा नहीं देते थे। लेकिन अपने डांस और मिमिक्री से जॉनी दर्शकों से इतना ईनाम जमा कर लेते थे कि इन्हें ऑर्केस्ट्रा पार्टी से पैसे मांगने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती थी। ऑर्केस्ट्रा वालों ने जॉनी लीवर को तब पैसा देना शुरू किया था जब उनकी उम्र 17 साल हो गई थी। तब जॉनी को 30 रुपए प्रति शो के हिसाब से पैसे मिलते थे। जब जॉनी को पहली दफा तीस रुपए मिले थे तो वो बहुत खुश हुए थे। उन दिनों गायक सोनू निगम के पिता अगम कुमार निगम भी उसी ऑर्केस्ट्रा के लिए गाते थे जिसके लिए जॉनी मिमिक्री और डांस करते थे। जॉनी बताते हैं कि अगम कुमार निगम जी को पचास रुपए प्रति शो मिला करते थे।
समय के साथ जॉनी लीवर तरक्की करते चले गए और वो कल्याणजी-आनंदजी के ग्रुप का हिस्सा बन गए। उनके ग्रुप के साथ भी जॉनी लीवर ने खूब डांस व मिमिक्री की। और फिर एक दिन फिल्म दर्द का रिश्ता से जॉनी लीवर की एक्टिंग जर्नी भी शुरू हो गई। एक इंटरव्यू में जॉनी जी से पूछा गया था कि जब वो ये डांस व मिमिक्री करते थे तो क्या उनके पिता उनसे नाराज़ नहीं होते थे? जवाब में जॉनी ने बताया कि वो हिंदुस्तान लीवर में नौकरी करते थे। वहीं पर उनके पिता भी काम करते थे। अक्सर शोज़ करने के लिए वो नौकरी से बिना बताए गायब हो जाते थे। जॉनी जब बार-बार नौकरी से गायब हो जाते थे तो उनके पिता को उनकी चिंता होने लगी। पिता को लगा कि कहीं जॉनी की नौकरी ना चली जाए।
एक दिन जॉनी मुंबई के मशहूर शन्मुखानंद हॉल में एक शो में परफॉर्म कर रहे थे। लगभग तीन हज़ार लोग वो शो देखने आए थे। कल्याणजी-आनंदजी भी वहां मौजूद थे। तभी जॉनी के पिता भी उन्हें ढूंढते-ढूंढते वहां पहुंच गए। उनके हाथ में रबर का एक मोटा सा डंडा था। ज़ाहिर है, वो उस दिन जॉनी की कुटाई करने के इरादे से वहां पहुंचे थे। जॉनी की नज़र जब डंडा हाथ में लिए खड़े अपने पिता पर पड़ी तो वो नर्वस हो गए। लेकिन किसी तरह उन्होंने खुद पर काबू बनाए रखा और जॉक्स सुनाते गए। पिता ने जब देखा कि लोग जॉनी के लिए तालियां बजा रहे हैं। सीटियां मार रहे हैं तो वो कन्फ्यूज़ हो गए। और वापस चले गए। शो खत्म होने के बाद जॉनी घर नहीं गए। वो एक दोस्त के रूम में रुक गए। और देर रात को चुपके से घर पहुंचकर, खाना खाकर सो गए।
जॉनी के पिता ने अगले दिन उन्हें पीटा तो नहीं। लेकिन चेतावनी ज़रूर दी कि अगर जॉनी नौकरी में लापरवाही बरतेंगे तो एक दिन उन्हें बहुत पछताना पड़ेगा। फिर वो वक्त भी आया जब जॉनी के पिता रिटायर हुए। उन्हें 26 हज़ार रुपए रिटायरमेंट फंड से मिला। जॉनी तब तक नौकरी छोड़ चुके थे। जॉनी के पिता ने तब सोचा था कि उन 26 हज़ार रुपयों से वो अपनी बेटियों की शादी कर देेंगे। उस ज़माने में 15 हज़ार रुपए में एक ठीक-ठाक शादी हो जाया करती थी। उसी दौरान जॉनी को एक मच्छर भगाने वाली अगरबत्ती के विज्ञापन में काम करने का मौका मिल गया। वो विज्ञापन शेखर कपूर डायरेक्ट कर रहे थे। सतीश कौशिक उनके असिस्टेंट डायरेक्टर थे।
जॉनी ने पुराने ज़माने के शानदार अदाकार ओम प्रकाश जी की मिमिक्री उस एड में की। शूट कंप्लीट होने के बाद जॉनी को 25 हज़ार रुपए मेहनताना दिया गया। घर आकर वो 25 हज़ार रुपए जॉनी ने अपने पिता के हाथ में रख दिए और उनसे मज़ाकिया लहज़े में कहा,"आपने पूरी ज़िंदगी काम किया और आपको 26 हज़ार रुपए मिले। मुझे एक दिन में 25 हज़ार रुपए मिल गए।" जॉनी के कमाए वो 25 हज़ार रुपए देखकर उनके पिता शॉक्ड रह गए। उन्होंने जॉनी से पूछा कि कहीं वो स्मगलिंग का कोई काम तो नहीं करने लगे हैं? जॉनी ने उन्हें बताया कि ये रकम उन्होंने अपनी एक्टिंग के दम पर कमाई है। उस दिन के बाद फिर कभी जॉनी लीवर जी के पिता ने उन्हें एक्टिंग करने से नहीं रोका।
साथियों ये थी जॉनी लीवर जी के जन्मदिन के अवसर पर सरसरी तौर पर उनकी कहानी। जॉनी लीवर जी से जुड़ी और भी कुछ रोचक बातें जानना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें 👉👉 https://t.ly/wNlFq विज़िट कीजिए इस लिंक को। आप निराश नहीं होगे। किस्सा टीवी की तरफ से जॉनी लीवर जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत मुबारकबाद। #JohnnyLever #happybirthda
y किस्सा tv से साभार
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