कुलभूषण पंडित

 कुलभूषण पंडित पुलिस में नौकरी कर रहे थे। जिस थाने में ये तैनात थे उसके ठीक सामने एक मजिस्ट्रेट रहा करते थे जिनका नाम था मिस्टर खान। उन्हीं मिस्टर खान के एक भाई थे अली, जिनकी कुलभूषण पंडित जी से दोस्ती थी। अली की दोस्ती फिल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों से थी। अली अक्सर कुलभूषण पंडित जी से कहते थे कि आपको तो फिल्मों में आना चाहिए। शुरू में कुलभूषण जी ने मना कर दिया। क्योंकि तब ये फिल्में देखते ही नहीं थे। ना ही इन्हें फिल्मों में कोई दिलचस्पी थी। 


मगर जब अली बार-बार इनसे फिल्मों में आने को कहते रहे तो कुलभूषण पंडित एक दिन अली के साथ जाकर डायरेक्टर के.बी.लाल से मिले। के.बी.लाल उस वक्त फिल्म इंडस्ट्री के मशहूर डायरेक्टर थे। उन्होंने कुलभूषण पंडित जी की कुछ अच्छी-अच्छी तस्वीरें खिंचाई। वो तस्वीरें के.बी.लाल ने अपने पास रख ली। वही तस्वीरें उस दौर के एक और बड़े नाम एस.यू.सनी के पास भी भेजी गई, जो उन्हें बहुत पसंद आई। के.बी.लाल अक्सर कुलभूषण पंडित जी की कमर पर हाथ रखकर उन्हें फेमस स्टूडियो में घुमाते थे। 


उनका अपनी कमर पर हाथ रखना कुलभूषण पंडित को अच्छा नहीं लगता था। एक दिन कुलभूषण पंडित ने के.बी.लाल से कहा कि अगर आप हाथ हटा लेंगे तो मैं ज़मीन पर नहीं गिर जाऊंगा। इसलिए आप अपना हाथ हटा लीजिए। फिर एक दिन एक और डायरेक्टर नजम नक़वी ने एस.यू.सनी के यहां कुलभूषण पंडित की तस्वीरें देखी। उन्हें कुलभूषण पंडित की शख्सियत पसंद आई। वो कुलभूषण पंडित जी से मिलने उनके थाने आ गए। नजम नक़वी ने कुलभूषण पंडित को अपनी फिल्म रंगीली में काम करने का ऑफर दिया।


चूंकि अली के बार बार कहने से कुलभूषण पंडितर जी को भी फिल्मी दुनिया में दिलचस्पी पैदा हो चुकी थी तो उन्होंने नजम नक़वी का वो ऑफर स्वीकार कर लिया। और आखिरकार साल 1952 में कुलभूषण पंडित जी की पहली फिल्म रंगीली रिलीज़ हुई। इनकी पहली हीरोइन थी रिहाना। और उसी फिल्म से कुलभूषण पंडित का नाम हो गया राज कुमार। एक इंटरव्यू में राज कुमार जी ने कहा था कि उनकी कुछ फिल्में भले ही फ्लॉप हुई हों। लेकिन वो कभी फ्लॉप नहीं हुए। इसलिए वो फीस बेझिझक बढ़ाया करते थे। 


आज राज कुमार जी को इस दुनिया से गए 28 साल हो चुके हैं। 03 जुलाई 1996 को राज कुमार जी का निधन हुआ था। किस्सा टीवी राज कुमार जी को नमन करता है। शत शत नमन। #RaajKumar #rangeeli1952 #Rehana किस्सा tV से साभार

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