ए.के.हंगल
गुजरे ज़माने के बेहतरीन एक्टर ए.के.हंगल ऐसे कलाकार थे जिन्होंने 50 साल की उम्र में फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा. इसके बावजूद इन्होंने 225 फिल्मों में काम किया. इनकी रियल लाइफ भी उतार-चढ़ाव से भरी थी. अभिनेता का जन्म 1 फरवरी 1914 को सियालकोट पंजाब (पाकिस्तान)में हुआ था और उन्होंने पूरा बचपन पेशावर( पाकिस्तान) में बिताया. वह एक कश्मीरी पंडित परिवार से संबंध रखते थे. अभिनेता एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे, उन्होंने 1936 से 1965 तक स्टेज अभिनय भी किया था. इसके बाद उन्होंने हिंदी फिल्मों की ओर रुख किया, लेकिन वह अभिनय में अपने करियर की शुरुआत से पहले एक टेलर का काम किया करते थे.
बंटवारे के समय आए थे मुंबई
एके हंगल ने अपना बचपन पेशावर से करांची तक में बिताया। हिंदुस्तान के बंटवारे बाद 1949 में वो मुंबई आ गए थे. एके हंगल ने बचपन से ही अपनी जिंदगी में तमाम संघर्ष किए थे. एके हंगल ने अपनी पत्नी के निधन के बाद अपने बेटे की अकेले ही परवरिश की. फिल्मों के साथ-साथ एके हंगल को नाटक में भी अभिनय करने में सफलता प्राप्त हुई. हंगल साहब 18 वर्ष के थे जब उन्होंने नाटकों में अभिनय करने की शुरुआत की थी, उनकी डेथ एनिवर्सरी पर हम अपने इस आर्टिकल में उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ बाते आपको बताने जा रहे हैं.
कराची के जेल में तीन साल तक थे कैद
ये बात शायद बहुत ही कम लोग जानते हैं कि फिल्मों में आने से पहले एके हंगल ने आजादी की लड़ाई लड़ी. मार्क्सवादी होने की वजह से वो कराची की जेल में तीन साल तक कैद रहें. लेकिन साल 1949 में जेल से छूटने के बाद हंगल साहब अपने पूरे परिवार के साथ मुंबई आ गए. हमेशा से अभिनय का शौक रखने वाले एके हंगल ने मुंबई आने के बाद बतौर अभिनेता काम करने के बारे में सोचा.
बाल ठाकरे ने फिल्मों में लगा दी रोक
किस्सा ये भी है कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने साल 1993 में ए.के हंगल की फिल्मों पर बैन लगा दिया. इन्होंने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि पाकिस्तान के नेशनल डे पर हंगल साहब हिस्सा लेते थे, जो कि बाल ठाकरे को बिल्कुल पसंद नहीं था. अपनी करियर में हंगल साहब ने 225 फिल्मों में काम किया पर अपने जीवन के आखिरी दिनों में मेडिकल खर्चों को पूरा करना भी उनके लिए मुश्किल हो गया था.
255 फिल्मों में किया काम
एके हंगल ने चार दशक से अधिक के करियर में लगभग 225 फिल्मों में काम किया. 50 साल की उम्र में बॉलीवुड में अपनी शुरुआत करने वाले हंगल साहब ने 96 साल की उम्र में व्हीलचेयर पर बैठकर फैशन परेड अटेंड की थी. 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने एनिमेटेड फिल्म में अपनी आवाज भी दी थी. अपने आखिरी के समय में वह टीवी शो मधुबाला में भी नजर आए थे.
आर्थिक रूप से हो गए थे कमजोर
इंडस्ट्री में एक पुरानी कहावत है उगते सूरज को सब सलाम करते हैं. यहां लोग तभी तक आपको सिर-आंखों पर बिठाते हैं जब तक आप सूरज बनकर चमकते हैं, लेकिन जैसे ही ये सूरज चमकना बंद होता है तो उसे अर्श से फर्श पर लाने में भी लोगों को बिलकुल देर नहीं लगती. एके हंगल भी कुछ इसी तरह की पीड़ा का शिकार हुए थे. पद्म भूषण से सम्मानित अभिनेता एके हंगल को अपने अंतिम दिनों में एक छोटे से कमरे में अपनी जिंदगी गुजारनी पड़ी.
दवाई लेने के नहीं थे पैसे
95 साल की उम्र में अपने बेटे के साथ एके हंगल छोटे से घर में रह रहे थे. एके हंगल की जिंदगी में एक समय ऐसा भी था जब उनके पास दवाई खरीदने तक के पैसे नहीं थे, उस दौरान कई सितारों के आगे बढ़कर उनकी मदद की. एके हंगल एक बार अपने घर में ही बाथरूम में फिसलकर गिर गए जिसके बाद उनकी जांघ की हड्डी टूट गई और पीठ में भी चोट आई. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और इलाज किया गया, लेकिन उनकी हालत और बदतर होती चली गई और फिर हंगल साहब को लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रख दिया गया. धीरे-धीरे उनके फेंफड़ों ने भी काम करना बंद कर दिया और फिर एक दिन वो इस दुनिया को अलविदा कह गए.
एस एन मिश्रा से साभार
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