सदाबहार देवानंद
देवानंद 21 साल की उम्र में बंबई आए थे और अपने कॉन्फिडेंस के बलबूते फिल्म प्रोड्यूसर को इंप्रेस कर डाला था। देव आनंद की छवि देख कर उस वक्त वह फिल्म प्रोड्यूसर भी उन्हें देखता रह गया था।
देव आनंद ने फिल्म ‘हम एक हैं’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म इंडस्ट्री में देव आनंद का रुतबा ऐसा था जैसा आज तक किसी एक्टर का न हो सका। बेहद खूबसूरत काया वाले देव आनंद जब काला कोट पहनते थे तो लाखों करोड़ों लड़कियां उनपर फिदा हो जाया करती थीं। एक्टर एक नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से ताल्लुक रखते थे। वह 21 साल की उम्र में बंबई आए और अपने कॉन्फिडेंस के बलबूते फिल्म प्रोड्यूसर को इंप्रेस कर डाला। देव आनंद की छवि देख कर उस वक्त वह फिल्म प्रोड्यूसर भी देखता रह गया था।
इस बारे में खुद देवआनंद साहब ने जिक्र किया था। लेहरन रेट्रो के एक वीडियो में देव आनंद से जब सवाल किया गया था कि ‘आपको अपनी पहली फिल्म कैसे मिली?’ इस सवाल पर देव आनंद ने बताया था- ‘मुझे 1945 में जाना पड़ेगा। 45 का मतलब पता है क्या? कितने साल हो गए? मुझे किसी ने कहा कि किसी जगह किसी दफ्तर में एक साहब खड़े हैं जो फिल्म बनाने की तैयारी कर रहे हैं। वह प्रोड्यूसर हैं, उनको एक लड़का चाहिए। तो ये बात मेरे दिमाग में आ गई।’
देव आनंद ने आगे बताया था– ‘मैंने अपना ओवरकोट पकड़ा, उन दिनों बरसात हो रही थी, जुलाई का महीना था। मैं ट्रेन से निकला और चन्नी रोड़ पर उतर गया। वहां से मैं उस दफ्तर की तरफ निकल पड़ा। मैंने दफ्तर का वो बोर्ड देखा तो मैं वहां के चौकीदार के साथ जाकर बैठ गया। मैंने उस चौकीदार से पूछा साहब कहां हैं? उसने पूछा कौन से? तो मैंने कहा- पिक्चर बनाने वाले साहब! उसने मुझसे पूछा क्या काम है? तो मैंने कहा- मिलना है। तो वो मुझे बोला- तुम उनसे नहीं मिल सकते। मैंने पूछा क्यों नहीं मिल सकता? उसने कहा वह नहीं मिलते।’
देव आनंद ने आगे बताया- ‘इतने में भाईसाहब आ गए, उन्होंने मुझे देखा और आगे बढ़ते चले गए। वह थोड़ा गेट से आगे गए और फिर रुक गए। उन्होंने मुड़कर दोबारा मुझे देखा औऱ मुझे देखकर मुस्कुराए। उन्हें देख कर मैं भी मुस्कुरा दिया। तभी चौकीदार को अंदर बुलवा लिया गया। उससे पूछा गया कि वो जो लड़का बाहर खड़ा है वो कौन है? तो चौकीदार ने बताया कि साहब वो आपसे मिलना चाहता है।’
लेजेंड एक्टर ने आगे बताा था – ‘मुझे अंदर बुलाया गया और पूछा गया- क्या बात है? तो मैंने जवाब दिया कुछ नहीं! मुझे पता चला कि आपको एक लड़के की तलाश है जिसे आप ब्रेक देना चाहते हैं, मैं 21 साल का नौजवान हूं। वो हंस पड़ा, तो मैं भी हंस पड़ा। वो मुझे देख कर हंसते ही जा रहा था। उसने कहा परसों आ सकते हो? तो मैंने कहा आएंगे। परसों फिर मैं वापस गया वहां। ये राजकुमार संतोषी के पिताजी थे-पीएल संतोषी। उन्होंने फिर मुझे पसंद किया। मुझे फर्स्ट क्लास ट्रेन की टिकट दी और मैं पुणे आ गया। वहां ऑडीशन दिया। किसी ने भी मुझे रेकमेंड नहीं किया था। मैं सीधा-सीधा काम मांगने गया था औऱ मिल गया। मॉरल ऑफ द स्टोरी अपना कॉन्फिडेंस कभी न गिराओ। हमेशा कॉन्फिडेंस पहन कर चलो।’
Poteniyam 109 से साभार
बॉलीवुड के एवरग्रीन सुपरस्टार देव आनंद (Dev Anand) की आज बर्थ एनिवर्सरी है. उनका जन्म 26 सितंबर, 1923 को पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था. देव आनंद का जन्म एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था. उनका असली नाम धर्मदेव पिशोरीमल आनंद था जिसे फिल्मों में एंट्री के दौरान उन्होंने बदलकर सिर्फ देव आनंद कर लिया. देव आनंद ने लाहौर में अपना ग्रेजुएशन किया था. वो आगे भी पढ़ना चाहते थे लेकिन पिता ने उन्हें साफ़-साफ़ कह दिया कि उनके पास पैसे नहीं हैं और अगर उन्हें आगे अपने खर्च और पढ़ाई के लिए खुद की कमाना पड़ेगा.
यह बात सुनकर देव आनंद मुंबई आ गए और तब उनकी जेब में केवल 30 रुपये थे. मुंबई में वो किसी को नहीं पहचानते थे और ना ही कोई रहने की जगह थी. कुछ समय तक देव आनंद ने जैसे तैसे गुजारा किया और फिर उन्हें मिलिट्री सेंसर ऑफिस में क्लर्क की नौकरी मिल गई. इस नौकरी से उन्हें 165 रुपये सैलरी मिलती थी. एक साल तक नौकरी करने के बाद देव आनंद अपने बड़े भाई चेतन आनंद के पास रहने लगे जो भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के मेंबर थे.
यहां देव आनंद छोटे-मोटे नाटकों में काम करने लगे. उन्हें अपना पहला ब्रेक 1946 में आई फिल्म हम एक हैं से मिला जिसके बाद उन्होंने फिल्मों की दुनिया में पीछे मुड़कर नहीं देखा और आगे ही बढ़ते गए. एक दौर में तो उनकी पॉपुलैरिटी इस कदर बढ़ गई थी कि लड़कियां उन्हें देखकर बेहोश हो जाया करती थीं. देव आनंद फैशन आइकॉन माने जाते थे. खासकर उन्हें वाइट शर्ट और ब्लैक कोट में देखकर लड़कियां बकाबू हो जाया करती थीं और आत्महत्या तक करने पर उतारू थीं.
उनके इस लुक पर लड़कियां इस कदर फ़िदा हुईं कि देव आनंद के पब्लिक प्लेस पर काले कोट पहनने पर ही कोर्ट ने बैन लगा दिया. देव आनंद का सबसे चर्चित अफेयर सुरैया के साथ रहा.दोनों शादी करना चाहते थे लेकिन सुरैया (Suraiyya) के परिवार वाले इस रिश्ते को नहीं माने और दोनों को अलग होना पड़ा. इसके बाद देव आनंद ने एक्ट्रेस कल्पना कार्तिक (Kalpana Kartik) से शादी की. 3 दिसंबर, 2011 को देव आनंद का लंदन में निधन हो गया था.p
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